Dainik Athah

मुख्यमंत्री ने डीजी वैन को झण्डी दिखाकर रवाना किया

  • प्रधानमंत्री का डिजिटल इंडिया अभियान नए भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित हो रहा
  • ई-गवर्नेन्स के माध्यम से शासन की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाया गया
  • उप्र ई-गवर्नेन्स के क्षेत्र में अग्रणी राज्य
    फोटो
    अथाह ब्यूरो
    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने सरकारी आवास पर डीजी वैन को झण्डी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने डीजी वैन में प्रदर्शित की जा रही देश की महत्वपूर्ण डिजिटल नव पहलों तथा वीआर सेटअप के माध्यम से विभिन्न डिजिटल एप्लीकेशन के प्रयोगों का अवलोकन किया।
  • जी-20 कार्यक्रम के अन्तर्गत इस मोबाइल डीजी वैन का उद्देश्य जनता को डिजिटल इंडिया के बारे में जानकारी प्रदान करना है। यह डीजी वैन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित डिजिटल इंडिया अभियान की महत्वपूर्ण डिजिटल नव पहलों- ‘माई गॉव’, ‘डिजी लॉकर’, ‘ई-हॉस्पिटल’, ‘ई-नाम, ‘जेम पोर्टल’, ‘यूपीआई’, ‘उमंग’, ‘जीएसटीएन’, ‘साइबर सुरक्षित भारत’, ‘आरोग्य सेतु’ आदि को दिखायेगी। इस वैन में वीआर सेटअप भी है, जिसके माध्यम से लोग विभिन्न प्रकार के डिजिटल एप्लीकेशन जैसे-यूपीआई एप्लीकेशन के माध्यम से पेट्रोल पम्प पर भुगतान, डिजिलॉकर के माध्यम से ट्रैफिक पुलिस को अपना ड्राइविंग लाइसेंस दिखाना इत्यादि का वर्चुअल डेमो देख सकेंगे। इस वैन में दो स्क्रीन, इन्ट्रैक्टिव क्विज के लिए हैं, जिस पर डिजिटल इंडिया व जी-20 के बारे में व्यक्ति अपने ज्ञान को प्रदर्शित कर सकते हैं।
    इस अवसर पर मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात, सचिव नगर विकास रंजन कुमार, मंडलायुक्त लखनऊ रोशन जैकब, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री का मिनिमम गवर्नमेण्ट, मैक्सिमम गवर्नेन्स संकल्प है। उनके इस सपने को पूरा करने में डिजिटल इण्डिया अभियान की बड़ी भूमिका है। डिजिटल इंडिया अभियान नए भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस अभियान ने ई-गवर्नेन्स के माध्यम से शासन की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाया है।
    उत्तर प्रदेश ई-गवर्नेन्स के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक व्यक्ति तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने के लिए तकनीक का भरपूर उपयोग किया जा रहा है, जिसका पूरा लाभ जनता को मिल रहा है। डिजिटल इण्डिया मिशन के अन्तर्गत प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। खाद्य एवं रसद विभाग के अन्तर्गत राशन की दुकानों में ई-पॉस मशीनों के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। इससे खाद्यान्न वितरण में पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था स्थापित हुई है। आज प्रदेश के सभी पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को बिना भेदभाव के राशन प्राप्त हो रहा है। भू-तत्व एवं खनिकर्म निदेशालय के तहत खनन प्रबन्धन के लिए माइन मित्रा एवं अन्य तकनीकी अवसंरचनाओं का सृजन किया गया है।
    इसी क्रम में प्रदेश के युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त और सक्षम बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत डिजीशक्ति पोर्टल के माध्यम से छात्र-छात्राओं को टैबलेट/स्मार्टफोन नि:शुल्क उपलब्ध कराये जा रहे हंै। आगामी पांच वर्षों में कुल दो करोड़ टैबलेट/स्मार्टफोन वितरित किए जाने का लक्ष्य है। अब तक 20 लाख युवाओं को नि:शुल्क टैबलेट/स्मार्टफोन प्रदा किये जा चुके हैं। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए प्रेरणा पोर्टल विकसित किया गया है। तकनीक का बेहतर उपयोग करके मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076, 1090-विमेन पावर लाइन हेल्पलाइन को समुचित रूप से क्रियन्वित कराया जा रहा है।

राज्य सरकार प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करते हुए सभी नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। नगर विकास विभाग के अन्तर्गत जीआईएस सर्वे के माध्यम से करों का निर्धारण तथा ई-वेतन के माध्यम से मानव संसाधन का प्रबन्धन किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर (आईसीसीसी) तथा इंटेलीजेन्ट ट्रैफिक मैनेजमेन्ट सिस्टम (आईटीएमएस) के माध्यम से यातायात प्रबन्धन, सिटी सर्विलांस तथा अन्य नगरीय सुविधाओं का पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण किया जा रहा है। पीएमजीएसवाई-3 के अन्तर्गत रोड मैनेजमेन्ट सिस्टम तथा न्याय विभाग के लिए उत्तर प्रदेश नोटरी प्रबन्धन प्रणाली का विकास किया गया है। इन्वेस्ट यूपी हेतु वेब बेस्ड रजिस्ट्रेशन, एमओयू साइनिंग तथा इवेन्ट रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल का विकास के साथ ही, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग हेतु सिंगल विंडो क्लीयरेन्स सिस्टम एवं फिल्म सब्सिडी के आॅनलाइन आवेदन हेतु पोर्टल का विकास किया गया है।

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