Dainik Athah

होटल/ रिजार्ट एवं परिभाषित पात्र पर्यटन परियोजनाओं को आतिथ्य उद्योग का दर्जा देकर सब्सिडी की सुविधा प्रदान की जाएगी

अथाह ब्यूरो
लखनऊ
। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित एवं विकसित औद्योगिक क्षेत्रों एवं अन्य प्राधिकरणों के अंतर्गत आवंटित औद्योगिक भूखंडों पर होटल एवं रिजार्ट के निर्माण हेतु पर्यटन नीति-2022 के प्राविधानों के अन्तर्गत सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही इन्हें उद्योग का दर्जा दिया जाएगा।
पर्यटन विभाग द्वारा जारी पर्यटन नीति 2022 के अंतर्गत पर्यटन विभाग के साथ पंजीकृत सभी स्टार केटेगरी होटल, रिजार्ट व परिभाषित पर्यटन परियोजनाओं को आतिथ्य उद्योग दर्जा देकर परियोजनाओं को प्रोत्साहन एवं सब्सिडी में छूट प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त पंजीकृत होटलों से विद्युत शुल्क कामर्शियल रेट के स्थान पर औद्योगिक दरों पर लिए जायेंगे।

पयर्टन नीति में वर्णित सभी श्रेणियों के अतंर्गत स्थापित होने वाली पर्यटन एवं सत्कार इकाईयों से नगर निगम व जल संस्थान के हाउस टैक्स, सीवरेज टैक्स, उद्योग की भांति ही देय होंगे। इन सुविधाओं के कारण होटल एवं सेवा सेक्टर को बढ़ावा मिलने के साथ ही पर्यटकों को उच्चस्तरीय सेवाएं प्राप्त होंगी। इसके अलावा सेवा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।

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