Dainik Athah

आवास विकास की मंडोला विहार योजना के

17 किसानों ने लोनी में आवास विकास दफ्तर के सामने ली जिंदा समाधि

किसानों के सामने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी जमीन पर बैठकर उन्हें समझाते रहे


अथाह संवाददाता
गाजियाबाद। मंडोला विहार योजना के बढ़े हुए मुआवजे की मांग को लेकर पिछले 4 साल से धरने पर बैठे किसानों के आंदोलन ने आज नया मोड़ ले लिया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार योजना प्रभावित छह गांवों के 17 किसानों ने लोनी में बुधवार को आवास विकास दफ्तर के सामने जिंदा समाधि ले ली। इस दौरान पुलिस प्रशासन के अधिकारी किसानों को समझाने के प्रयास में लगे रहे। लेकिन किसानों ने उनकी एक न सुनी। आखिरकार पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी किसानों के खोदे गए गड्ढों के सामने ही जमीन पर बैठकर उन्हें समझाते रहे।


मंडोला विहार योजना के लिए मंडोला समेत छह गांव की भूमि अधिग्रहण की गई थी। किसानों का आरोप है कि उन्हें निम्न दर पर मुआवजा दिया गया है। उचित मुआवजे की मांग को लेकर मंडोला समय 6 गांव के किसान पिछले साढे 4 साल से धरने पर बैठे थे। किसानों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उनकी बात को शासन स्तर तक नहीं पहुंचाया गया। जिससे उनकी समस्या का हल नहीं हो सका। गुस्साए किसानों ने उस समय पूर्व जिंदा समाधि लेने का निर्णय लिया था, जिसके लिए किसानों ने 15 गड्ढे भी कर लिए थे। पूर्व निर्धारित योजना के तहत बुधवार सुबह किसान धरना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान एसडीएम लोनी शुभांगी शुक्ला, पुलिस क्षेत्राधिकारी अतुल सोनकर, आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता डीबी सिंह ने किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में 17 किसानों ने जिंदा समाधि लेना शुरू कर दिया।

किसान नेता नीरज त्यागी का कहना है कि आवास विकास परिषद के खिलाफ मंडोला विहार योजना से प्रभावित छह गांव के किसान करीब पांच वर्ष से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। धरनारत किसानों ने कुछ दिन पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर 14 सितंबर तक बढ़े मुआवजे और तीनों कृषि कानून का समाधान न निकालने पर जिंदा समाधि लेने की बात कही थी। जिस के क्रम में किसानों ने जिंदा समाधि ली।


उधर अपर जिलाधिकारी प्रशासन ऋतु सुहास ने बताया कि किसान मुआवजा बढ़ोतरी की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे और पिछले 2 दिनों से किसानों से वार्ता कर मामला सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन बुधवार को किसानों ने लोकल मुद्दों को छोड़कर कृषि कानूनों को वापस लेने, एमएसपी से संबंधित मुद्दों को उठाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए दृढ़ संकल्प है, लेकिन राष्ट्रीय मुद्दे प्रशासन का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि बाहर से आए हुए किसान जिंदा समाधि और फोटो खिंचवाने की राजनीति कर रहे हैं। इससे किसानों का भला होने वाला नहीं है। किसानों को चाहिए कि वह प्रशासन के साथ लोकल मुद्दों पर बैठ कर बात करें और उसका समाधान कराएं।

समाधि लेने वाले किसानों की सूची

किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में मंडोला गांव निवासी प्रवेश त्यागी, मोनू त्यागी, बॉबी त्यागी, रामनरेश, बृजेश, नीरज त्यागी, अमित त्यागी, मास्टर महेंद्र मंगू राम, शहाबुद्दीन, आरडी त्यागी, धर्म सिंह, इलियास, कृष्ण के अलावा पंचलोक गांव निवासी लक्ष्मण सिंह व योगेश ने जिंदा समाधि ली।

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