अथाह संवाददाता ,
गाजियाबाद । राष्ट्रीय लोकदल के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद केसी त्यागी ने चिराग त्यागी और गौरव त्यागी हत्याकांड को लेकर पुलिस कार्रवाई पर बड़ा बयान दिया है। एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सैंतली के चिराग त्यागी और हापुड़ के गौरव त्यागी की हत्या भी शामली के अंकित बालियान हत्याकांड जैसी ही जघन्य घटनाएं हैं। ऐसे हत्याकांड के आरोपियों के साथ भी कानून के दायरे में वही सख्ती होनी चाहिए, जो अंकित के हत्यारों के खिलाफ हुई।
समाजवादी पार्टी द्वारा शामली एनकाउंटर की जांच की मांग और पुलिस कार्रवाई पर उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में केसी त्यागी ने एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश को संबोधित करते हुए कहा कि यदि अपराधी पुलिस पर गोली चलाते हैं तो पुलिस को जवाबी कार्रवाई का अधिकार है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए।
केसी त्यागी ने चिराग त्यागी और गौरव त्यागी के हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों में भी पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके इस बयान को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार चर्चा में रहे इन हत्याकांडों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।‘एनकाउंटर पर सवाल जातिगत राजनीति का प्रयास’पूर्व सांसद ने एनकाउंटर को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं की ओर से उठाए जा रहे सवालों को जातिगत राजनीति का असफल प्रयास करार दिया।
उन्होंने कहा कि अपराधी की पहचान जाति से नहीं, उसके अपराध से होनी चाहिए और कानून का पालन करते हुए अपराधियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।केसी त्यागी ने इस दौरान जाट समाज और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के संबंध में की गई कथित अमर्यादित टिप्पणियों की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज या उसके सम्मानित नेताओं के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है।केसी त्यागी के बयान के बाद चिराग और गौरव हत्याकांड में पुलिस कार्रवाई तथा आरोपियों को लेकर बहस एक बार फिर तेज होने के आसार हैं।
