गाजियाबाद विकास प्राधिकरण बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से बड़े फैसलों पर मुहर
अथाह संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद को एक अलग रूप देने की योजना पर काम तेज हुआ है। इसको लेकर तैयार योजनाओं को गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। शहर को जाम मुक्त और भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को मेरठ मंडलायुक्त और जीडीए अध्यक्ष भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई 173वीं बोर्ड बैठक में एक साथ 17 अहम प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। इस बैठक में जिलाधिकारी, जीडीए उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त समेत सभी बड़े अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में साफ कहा गया कि अब गाजियाबाद का विकास कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखेगा।
एलिवेटेड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर का निर्माण: जीडीए बोर्ड ने सबसे बड़ी राहत पुराने शहर को देने का निर्णय लिया है। घंटाघर रामलीला मैदान से लेकर चौधरी मोड़ होते हुए भाटिया मोड़ तक दो किलोमीटर लंबा फोर लेन एलिवेटेड रोड बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। जीटी रोड का यह हिस्सा दिनभर जाम से जूझता है। कॉरिडोर बनने के बाद ऊपर से गाड़ियां बिना रुके निकल जाएंगी। इससे लोगों का समय बचेगा, तेल की खपत कम होगी और प्रदूषण भी घटेगा।
एलिवेटेड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर प्रोजेक्ट को व१ुंल्ल उँं’’ील्लॅी ऋ४ल्ल िसे पैसा मिलेगा। आधी लागत के लिए बैंक से लोन लेने की मंजूरी भी बोर्ड ने दे दी है। काम की गुणवत्ता के लिए आईआईटी रुड़की डिजाइन और टेस्टिंग देखेगी। साथ ही अलग से थर्ड पार्टी जांच भी होगी।

हिंडन नदी पर बनेगा सुरक्षा बंधा: हरनंदीपुरम, नया क्रिकेट स्टेडियम और एयरोसिटी, ये तीनों भविष्य की सबसे बड़ी योजनाएं हिंडन के किनारे बसनी हैं। बाढ़ का खतरा न रहे, इसके लिए हिंडन नदी के दाहिने किनारे पर मजबूत बंधा बनाने का फैसला लिया गया है। यह बंधा इन तीनों प्रोजेक्ट के लिए सुरक्षा दीवार का काम करेगा।
एयरोसिटी विकास योजना: क्रिकेट स्टेडियम के आसपास मोरटी, अटौर और मेवला अगरी गांवों में करीब 541 हेक्टेयर में एयरोसिटी बसाई जाएगी। जमीन जुटाने के लिए किसानों से आपसी सहमति, लैंड पूलिंग और जरूरत पड़ने पर अधिग्रहण का रास्ता अपनाया जाएगा। बोर्ड ने इसके लिए प्रशासनिक और वित्तीय दोनों मंजूरी दे दी है। यहां होटल, मॉल, दफ्तर, घर और मनोरंजन से जुड़ी सभी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी।
शाहपुर बम्हैटा टाउनशिप योजना: शाहपुर बम्हैटा में निजी कंपनी यूएच रियल्कॉन टाउनशिप नीति 2023 के तहत करीब 80 एकड़ में नई कॉलोनी बसा रही है। इसमें से 54 एकड़ से ज्यादा जमीन का लैंड यूज कृषि से आवासीय करने और करीब 79 एकड़ के पूरे ले-आउट प्लान को बोर्ड ने पास कर दिया है। इससे इस इलाके में पानी, बिजली, सड़क और सीवर जैसी सुविधाओं का काम तेज होगा।
इंदिरापुरम-राजनगर में बदला लैंड यूज: इंदिरापुरम में दो बड़े भूखंडों का इस्तेमाल बदला गया है। शक्ति खंड-4 का होटल प्लॉट और शक्ति खंड-2 का कमर्शियल प्लॉट अब ग्रुप हाउसिंग में बदले जाएंगे। इससे इंदिरापुरम में घरों की जरूरत पूरी होगी। इसी तरह राजनगर सेक्टर-5 में प्राइमरी स्कूल के लिए रखा गया 3815 वर्गमीटर का प्लॉट अब कम घनत्व वाली आवासीय कॉलोनी में बदला जाएगा।
हरनंदीपुरम आवासीय योजना:
जीडीए की सबसे चर्चित हरनंदीपुरम योजना अब तेजी से आगे बढ़ेगी। करीब 501 हेक्टेयर में फैली इस योजना के पहले चरण में 47 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित हो चुकी है। इसमें से 24.12 हेक्टेयर का लैंड यूज अब कृषि से आवासीय कर दिया गया है। इसका मतलब है कि यहां अब प्लॉट, सड़कें, पार्क और दूसरी सुविधाओं का नक्शा पास हो सकेगा।
पुलिस सिटी, हापुड़ से जुड़े प्रस्ताव: शाहपुर बम्हैटा में पुलिस सिटी सहकारी समिति की 16.9 हेक्टेयर जमीन के लैंड यूज चार्ज जमा करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। वहीं हापुड़ के हसनपुर लोधा में 13 हेक्टेयर जमीन को कृषि से औद्योगिक में बदलने का फैसला हुआ, ताकि वहां फैक्ट्रियां लग सकें और स्थानीय लोगों को रोजगार मिले।
सुशांत एक्वापोलिस, फिजेंट इंफ्रास्ट्रक्चर मामला: सुशांत एक्वापोलिस में ॠऌ-1 ग्रुप हाउसिंग प्लॉट का मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अटका था। बोर्ड ने उसके निस्तारण को मंजूरी दे दी। इसी तरह फिजेंट इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े हाईकोर्ट के आदेश पर भी जरूरी कार्रवाई को पास किया गया।
सागा क्रेसेंट पार्क, पार्क टाउन का समय विस्तार: निजी निवेश से बन रही दो बड़ी टाउनशिप सागा क्रेसेंट पार्क और पार्क टाउन का काम पूरा करने के लिए कंपनियों को अतिरिक्त समय दे दिया गया है। बोर्ड ने शर्तों के साथ समय बढ़ाने की मंजूरी दी, ताकि अधूरे काम पूरे हो सकें।
बैठक की शुरूआत में पिछली 172वीं बोर्ड बैठक के फैसलों पर मुहर लगी। उनके क्रियान्वयन की समीक्षा भी हुई। अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रोजेक्ट में गुणवत्ता और समय का पूरा ध्यान रखा जाए।
