Dainik Athah

मातंग योग, बुध पुष्य योग में 15 जुलाई से आरंभ हो रहे हैं गुप्त नवरात्रि

गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं का पूजन होता है -पं.शिवकुमार शर्मा

आषाढ़ मास के गुप्त नवरात्र देवी उपासना की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन्हें गुप्त नवरात्रि इसलिए कहा जाता है क्योंकि इन दिनों की साधना का उद्देश्य बाहरी उत्सव नहीं, बल्कि आंतरिक आध्यात्मिक साधना, मंत्र-जप, ध्यान और शक्ति-आराधना होता है। विशेष रूप से शाक्त परंपरा, श्रीविद्या, दशमहाविद्या तथा तांत्रिक साधना के साधक इन नौ दिनों को अत्यंत फलदायी मानते हैं।इस वर्ष  आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से गुप्त नवरात्र का आरंभ  15 जुलाई 2026 ,बुधवार से आरंभ होगा और 22 जुलाई 2026 ,बुधवार को नवमी के साथ इसका समापन होगा। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को घटस्थापना (कलश स्थापना)  होगी।इसके पश्चात नौ दिनों तक देवी की उपासना की जाती है। गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं का पूजन शुभ माना गया है।जो देवी साधकों एवं तांत्रिकों के लिए बहुत ही उपयोगी हैं। फिर भी गुप्त नवरात्र  आध्यात्मिक महत्व का पर्व है।माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना से आत्मबल, साहस और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त कर सकते हैं।सामान्य भक्तों के लिए गुप्त नवरात्रों के नौ दिनों की अवधि में मंत्र-सिद्धि, गायत्री साधना, श्रीसूक्त, दुर्गासप्तशती एवं देवी कवच के पाठ का विशेष फल माना गया है।यह समय आत्मशुद्धि, मानसिक शांति तथा साधना की प्रगति के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है।शास्त्रों में कहा गया है कि श्रद्धा, संयम और सात्त्विक आचरण के साथ की गई देवी उपासना साधक के जीवन में कल्याणकारी परिवर्तन लाती है।यदि आप शाक्त परंपरा का पालन करते हैं, तो इन दिनों में दुर्गा सप्तशती, अर्गला स्तोत्र, कीलक स्तोत्र, देवी कवच, तथा नवार्ण मंत्र का पाठ कर सकते हैं इसके अलावा निम्नलिखित मंत्रों में से किसी एक मंत्र को विशिष्ट रूप से जाप करना चाहिए।*ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे**ॐ दुर्गायै नमः**या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता*। *नमस्तस्यै नमस्तस्यै  नमस्तस्यै नमो नमः*।।इसके अतिरिक्त तांत्रिक देवी सूक्तम् का पाठ भी बहुत ही शुभ फलदायक है।गुप्त नवरात्रि में चतुर्थी तिथि का क्षय हो रहा है इसलिए एक नवरात्र कम है। अर्थात इस बार  आठ दिनों के नवरात्रि होंगे।गुप्त नवरात्रि में सप्तमी का व्रत 20 जुलाई को रखा जाएगा,महाअष्टमी 21 जुलाई को है और महानवमी 22 तारीख को होगी।


पंडित शिवकुमार शर्मा,ज्योतिषाचार्य  एवं वास्तु कंसलटेंट गाजियाबाद

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