अंतरराष्ट्रीय वन दिवस पर लखनऊ में ‘अरण्य समागम’ का आयोजन
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शनिवार सुबह 10 बजे होगा कार्यक्रम, विशेषज्ञों और गणमान्य अतिथियों की रहेगी मौजूदगी
अथाह ब्यूरो
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (आईजीपी) के मार्स हॉल में प्रात: 10:00 बजे ‘वन एवं अर्थव्यवस्थाएं’ विषयक राष्ट्रीय वानिकी संवाद का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय वन दिवस (21 मार्च) के अवसर पर आयोजित ‘अरण्य समागम’ के तहत किया जा रहा है। इस आयोजन में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ तथा गणमान्य अतिथि भाग लेंगे।
वन एवं अर्थव्यवस्थाएं विषय पर होगा मंथन
अरण्य समागम के अंतर्गत आयोजित इस राष्ट्रीय वानिकी संवाद में वन और अर्थव्यवस्था के बीच संबंधों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। इस मंच के माध्यम से सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा होगी।
हरित प्रदेश के लक्ष्य को नई गति
प्रदेश में ह्यस्वच्छ-समृद्ध-हरित प्रदेशह्ण के संकल्प के तहत पिछले 9 वर्षों में 242 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया गया है। हरित क्षेत्र बढ़ाने के सतत प्रयासों से प्रदेश का वनावरण 9.96 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। निजी भूमि पर पौधरोपण को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना संचालित की जा रही है, जबकि पीएम मोदी के विजन के तहत ह्यएक पेड़ मां के नामह्ण अभियान जन आंदोलन का रूप ले चुका है। किसानों को कार्बन क्रेडिट की धनराशि वितरित करने वाला उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बना है और वषार्काल 2026 में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
योगी सरकार की महत्वपूर्ण पहल
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ह्यस्वच्छ-समृद्ध-हरित प्रदेशह्ण के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में यह आयोजन योगी सरकार की एक और महत्वपूर्ण पहल है। वन संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ह्यएक और कदम हरियाली की ओरह्ण संदेश के साथ आयोजित यह कार्यक्रम जनभागीदारी को प्रोत्साहित करेगा और प्रदेश को हरित एवं समृद्ध बनाने के संकल्प को और मजबूत करेगा। कार्यक्रम में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पर्यावरण, वन, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन डॉ. अरुण कुमार सक्सेना तथा राज्य मंत्री पर्यावरण, वन, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन केपी मलिक की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इसके अलावा अन्य गणमान्य अतिथि और विशेषज्ञ भी कार्यक्रम में शामिल होंगे, जो अपने अनुभव और विचार साझा करेंगे। यह आयोजन नीति और व्यवहार के बीच समन्वय स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
