बढ़े गृहकर के मुद्दे पर जनता के रोष से जनप्रतिनिधियों से लेकर नगर निगम तक चिंतित
कैसे मिले जनता को राहत- सभी जनप्रतिनिधियों संग बैठे नगर आयुक्त- महापौर
अथाह संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम द्वारा बढ़ाये गये गृह कर के मामले में दायर जनहित याचित कठोर टिप्पणी के बाद उच्च न्यायालय द्वारा खारिज करने और आम जनता में नाराजगी के मद्देनजर निगम प्रशासन समेत सभी जनप्रतिनिधि इस मुद्दे का हल निकालने के लिए एकजुट हो गये हैं। यह तय हुआ कि सभी साझा प्रयास करेंगे वह भी हर स्तर पर।
बता दें कि उच्च न्यायालय ने गृहकर के मुद्दे पर जनहित याचिका को पिछले दिनों खारिज कर दिया था। इसके बाद इस मुद्दे पर पक्ष- विपक्ष में तो आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो ही गया, वहीं दूसरी तरफ भाजपा के ही पूर्व जनप्रतिनिधि सोशल मीडिया पर अपनों के ही खिलाफ तंज कस रहे हैं। इस संबंध में सोमवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में नगर निगम सम्पत्ति कर के विषय में एक बैठक हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुनील शर्मा, राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, विधायक अजीत पाल त्यागी, संजीव शर्मा, महापौर सुनीता दयाल व नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक तथा नगर निगम के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
सूत्रों के अनुसार बैठक में सभी लोग इस पक्ष में थे कि गृह कर बोझ जनता के ऊपर से कम किया जाये। इस बैठक में गम्भीर विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय हुआ कि सम्पत्ति कर के विषय में विधिक राय ली जायेगी। साथ में इस विषय पर हम सभी जनप्रतिनिधि शासन से वार्ता कर जनता के हित में उचित निर्णय कराने का प्रयास करेंगे। बैठक के अनुसार सभी जनप्रतिनिधि संयुक्त रूप से शासन में जनता का पक्ष रखेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी जन प्रतिनिधि मिलेंगे। शासन स्तर पर साझा प्रयास करने के बाद इस विषय पर पुन: नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक करेंगें।
