Dainik Athah

योगी सरकार में आंगनबाड़ी केन्द्रों से सशक्त होता बचपन


लगभग 36 लाख बच्चों तक पहुंच रहा ताजा गर्म भोजन, नन्हे कदमों को पोषण का संबल बना देश में मिसाल


कुपोषण पर निर्णायक प्रहार, “पोषण 2.0” के अंतर्गत बच्चों को पौष्टिक आहार की गारंटी


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बाल पोषण को लेकर योगी सरकार ने मजबूती से काम करते हुए देश में एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। “पोषण 2.0” के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आने वाले 03 से 06 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को ताजा गर्म भोजन (हॉट कुक्ड मील) उपलब्ध कराया जा रहा है। इस व्यवस्था के अंतर्गत लगभग 36 लाख बच्चों तक गर्म भोजन पहुंच रहा है। सरकार की यह पहल केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और विकास की समग्र रणनीति से जोड़ा गया है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक पात्र बच्चे को नियमित, संतुलित और गर्म भोजन मिले, जिससे कुपोषण की समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
*300 दिन पोषण की गारंटी*हॉट कुक्ड मील के अंतर्गत 03-06 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को माह में 25 दिन तथा वर्ष में 300 दिन अनुपूरक पुष्टाहार प्रदान किए जाने की व्यवस्था है। इसी के तहत प्रति लाभार्थी प्रतिदिन 4.50 रुपये की दर से व्यय निर्धारित है। योगी सरकार ने इस वित्तीय प्रावधान को पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली के माध्यम से लागू करते हुए यह सुनिश्चित किया है कि धनराशि का उपयोग सीधे बच्चों के पोषण पर हो। इससे न केवल पोषण आपूर्ति की निरंतरता बनी है, बल्कि आंगनबाड़ी व्यवस्था की विश्वसनीयता भी मजबूत हुई है।
*अयोध्या से शुभारम्भ, पूरे प्रदेश में विस्तार*प्रदेश में हॉट कुक्ड मील योजना का शुभारम्भ अगस्त 2022 में जनपद अयोध्या में किया गया था। इस औपचारिक शुरुआत के बाद योजना को लगभग साढ़े तीन साल में चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में विस्तारित किया गया। सरकार की मंशा स्पष्ट रही कि बाल्यावस्था में पोषण की कमी भविष्य की शैक्षिक और शारीरिक प्रगति में बाधा न बने। इसके परिणामस्वरूप 03 से 06 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के आंगनबाड़ी केन्द्रों में नामांकन और उपस्थिति दोनों में वृद्धि दर्ज की गई है। योजना के संचालन से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के सकारात्मक संकेत मिले हैं। योगी सरकार ने उदाहरण पेश किया है कि स्वस्थ और सशक्त बचपन ही विकसित उत्तर प्रदेश की नींव है। हॉट कुक्ड मील योजना पोषण सुरक्षा को शासन की प्राथमिकता के रूप में स्थापित करती है।

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