Dainik Athah

उड़ रहे कद्दावर चेहरों के रंग: भाजपा की ‘टीम पंकज’ में अधिकांश चेहरे नजर आयेंगे नये

15 में से 11 जिलाध्यक्ष घोषित, 4 की घोषणा का इंतजार

अनेक पदाधिकारी तो छह वर्ष से ज्यादा समय पूरा कर चुके

होली के बाद तेज होगी भाजपा प्रदेश कमेटी की घोषणा की कवायद

प्रदेश कमेटी के बाद जिला कमेटियों की घोषणा का होगा रास्ता साफ

संगठन को कसने की तरफ ध्यान दे रहे हैं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष


अथाह ब्यूरो
लखनऊ।
अब होली के रंग और गुलाल उड़ने शुरू हो गये हैं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर चेहरों की रंगत उड़ी हुई है। उड़े भी क्यों न जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अपनी नयी टीम की घोषणा के लिए कसरत करनी शुरू कर चुके हों। टीम में पुराने चेहरों के स्थान पर नये चेहरों को अधिक महत्व दिया जायेगा। इसके बाद ही जिला कमेटियों की घोषणा भी होगी। जिला कमेटियों के लिए मार्च के मध्य तक इंतजार करना होगा।
जिस प्रकार पंकज चौधरी ने गुरूवार की देर सांय 15 में से 11 जिलाध्यक्षों की घोषणा की उसने भाजपा कार्यकर्ताओं को चौंका दिया, हालांकि अब भी चार जिलाध्यक्ष घोषित होने शेष है। इसके बाद ही इस बात के कयास शुरू हो गये हैं कि अब प्रदेश टीम की घोषणा भी जल्द हो सकती है। यदि सूत्रों पर भरोसा करें तो इस बार प्रदेश की अधिकांश टीम नयी नवेली नजर आयेगी। पुराने नेताओं को या तो मंत्रिमंडल अथवा निगमों एवं आयोगों में खपाया जा सकता है।
भाजपा सूत्रों की मानें तो टीम पंकज में जातीय समीकरणों के साथ ही युवा एवं जमीन पर काम करने वाले ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को मौका मिल सकता है। इस स्थिति में अनेक प्रदेश पदाधिकारियों के चेहरों की रंगत उड़ी हुई है। उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा कि कहां से जुगाड़ लगाया जाये जिससे वे नयी टीम में भी स्थान पा सकें। लेकिन भरोसा किसी को नहीं कि पता नहीं किसकी चलेगी और किसकी नहीं। हालांकि इस मामले में केंद्रीय नेताओं के यहां हाजिरी का दौर तेजी से चल रहा है। प्रदेश से जुड़े एक केंद्रीय नेता के यहां जितनी भीड़ है शायद ही किसी अन्य के यहां हो।
भाजपा सूत्र बताते हैं कि प्रदेश टीम एवं क्षेत्रीय अध्यक्षों पर निर्णय होने के बाद ही जिलों की टीम घोषित की जायेगी। जिलों में ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को मौका मिलेगा। जो लोग लंबे समय से कुर्सियों पर बोझ बने हैं उन्हें किनारे किया जा सकता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शुक्रवार को बुलंदशहर जिले में आयोजित प्रशिक्षण वर्ग में भाग लेने आये थे, कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि वे शायद कोई संदेश कार्यकर्ताओं को दें, लेकिन इस मुद्दे पर कार्यकर्ताओं को निराशा ही हाथ लगी। विषय से इत्तर किसी मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की गई। हालांकि वहां भी क्षेत्र के कार्यकर्ता उन्हें नमस्ते करने का मौका तलाशते रहे।


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