नव निर्माण के नौ वर्ष
– मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए विस्तार से बताई बजट की उपलब्धियां
– यूपी बना रेवेन्यू सरप्लस स्टेट, ऋणग्रस्तता घटकर 23 प्रतिशत लाने का लक्ष्य
– स्टेट डेटा अथॉरिटी का होगा गठन, एआई मिशन, डेटा सेंटर क्लस्टर और महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
अथाह ब्यूरो,
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा के सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए वर्ष 2026-27 के बजट की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्षों के दौरान अपना परसेप्शन बदलने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश ने इस दौरान पॉलिसी पैरालिसिस से उभर कर परसेप्शन को बदलकर खुद को अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट के रूप में प्रस्तुत किया है, आज का यह बजट उन्हीं भावों का प्रतिनिधित्व करता है। प्रदेश का यह बजट 9 वर्षों में तीन गुना से अधिक बढ़ा है। आज 9,12,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया गया। बजट की थीम सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम, तकनीकी निवेश से समृद्ध होते उत्तर प्रदेश पर आधारित है।
*प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 43,565 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि नई योजनाओं के लिए बजट में प्रस्तावित की गई हैं। वहीं 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए आंवटित की गई है। परिसंपत्तियों के नवनिर्माण, इन्फ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट और अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यहीं से रोजगार का सृजन होता है। यह प्रदेश में पहली बार है, जब किसी मुख्यमंत्री को 10वां बजट प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ। पिछले 9 वर्षों में कोई भी नया टैक्स नहीं लगाया गया है। इसके साथ ही यूपी में जो कर चोरी और लीकेज थे, इन सबको रोक कर कुशल वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से बीमारू राज्य से उत्तर प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था का एक ब्रेकथ्रू के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आज उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। वर्ष 2017 में 30 फीसदी से अधिक राज्य में ऋणग्रस्तता थी। हम लोगों ने इसे घटाकर पिछले दो-तीन वर्षों में 27 फीसदी लाने में सफलता प्राप्त की। इस वित्तीय वर्ष में इसे 23 फीसदी तक लाने का लक्ष्य है। भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार किसी भी राज्य की जो कुल जीएसडीपी होगी, उस पर 30 फीसदी से अधिक ऋण नहीं होना चाहिए। आज उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है, जिन्होंने अपने वित्तीय प्रबंधन को एफआरबीएम की निर्धारित सीमा के अधीन रखा है। यह हमारा कुशल वित्तीय अनुशासन है। कोई नया टैक्स लगाए बिना प्रदेश ने जन-कल्याण व इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्कीम के साथ प्रत्येक सेक्टर में नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। आज उत्तर प्रदेश देश की टॉप तीन इकॉनमी में से एक है।
*स्टेट डेटा अथॉरिटी का किया जाएगा गठन*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम लोगों ने प्रदेश में अनइंप्लॉयमेंट रेट को 2.24 प्रतिशत तक नीचे लाने में सफलता प्राप्त की है। वर्ष 2017 के पहले यह लगभग 17 से 19 फीसदी तक था। बजट में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और स्थानीय उद्यमों को विकसित करते हुए वृहद निवेश की नई योजनाओं को शुरू करने का प्रावधान किया गया है। बजट में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की कई बड़ी घोषणाएं हुई हैं। पहले प्रदेश में अलग-अलग विभाग अलग-अलग समय में अलग-अलग डेटा प्रस्तुत करते थे। हमारी सरकार ने तय किया है कि हम एक स्टेट डेटा अथॉरिटी का गठन करेंगे। यह स्टेट डेटा अथॉरिटी प्रदेश में रियल टाइम डेटा और इसकी मॉनिटरिंग के साथ भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगी। वहीं बजट में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना का प्रावधान किया गया है। मेडटेक और डीपटेक के लिए एआई मिशन की घोषणा की गई है, ताकि युवाओं को अधिक से अधिक जॉब उपलब्ध कराए जा सकें। इसके लिए उनकी स्किल डेवलपमेंट की प्लानिंग भी बजट में की गई है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों के जरिये महिलाओं की उद्यमिता को प्रोत्साहन देने और उनके उत्पादों के लिए शी-मार्ट विपणन केंद्र विकसित करने की बात भी बजट में कही गई है। इस योजना से स्थानीय महिलाओं को काफी मदद मिलेगी, जो एसएचजी के माध्यम से लोकल गांवों और शहरी क्षेत्र में अपना प्रोडक्ट बनाती हैं।
*आज यूपी की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में रैंकिंग दूसरे स्थान पर, खुद को चीफ अचीवर स्टेट के रूप में किया स्थापित*मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में सिटी इकॉनमिक जोन, एससीआर, काशी-मीरजापुर इकॉनमिक जोन, प्रयागराज-चित्रकूट इकॉनमिक जोन, कानपुर-झांसी इकॉनमिक जोन को विकिसत करने का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2017 में यूपी की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में रैंकिंग 13-14 पर थी। आज नंबर दो पर है। इसके बाद यूपी ने चीफ अचीवर स्टेट के रूप में खुद को स्थापित किया। प्रदेश में डिजिटल आन्त्रोप्रेन्योरशिप योजना को आगे बढ़ाने के लिए बजट में व्यवस्था की गयी है। इन सभी सफलता को प्राप्त करने में रूल ऑफ लॉ की बड़ी भूमिका है, यही रियल ग्रोथ है। हर व्यक्ति सुरक्षा की गारंटी चाहता है और वह गारंटी आज यूपी दे रहा है। पहले यूपी में कोई नहीं सोच सकता था कि 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आएंगे। यूपी का एमएसएमई सेक्टर जो पहले मृत हो गया था, आज उसने 3 करोड़ से अधिक नौजवानों को नौकरी दी है। प्रदेश के अन्नदाताओं को उद्यमी बनाने के लिए नए प्रयास किये जा रहे हैं। विकास की यात्रा में प्रदेश का अन्नदाता भी सक्रिय साझेदार बने, इस दृष्टि से कृषि को इनकम बेस्ड और वैल्यू एडिशन मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। प्रदेश में सिंचाई की क्षमता का विस्तार किया गया है। प्रदेश में 16 लाख ट्यूबवेल का इलेक्ट्रिफिकेशन किया गया है। वहीं 23 लाख से अधिक डीजल से संचालित ट्यूबवेल को सोलर से जोड़ने के लिए बजट में घोषणा की गई है। इसके साथ पीएम कुसुम योजना को भी जोड़ा जाएगा। इसमें अनुसूचित जाति-जनजाति, महिला और लघु सीमांत किसानों को 90 फीसदी अनुदान और अन्य किसानों के लिए 80 फीसदी सब्सिडी की घोषणा की गई है।
*बजट में 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न भंडारण की क्षमता विकसित करने का टारगेट* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के तहत नाबार्ड ने किसान के साथ एफपीओ के लिए रिवॉल्विंग फंड की व्यवस्था की है। इन्हें अतिरिक्त सुविधा और फैसिलिटेट किया जा सके, इसके लिए भी बजट में व्यवस्था की गयी है। गन्ना के साथ तिलहन और दलहन फसलों के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। यूपी के किसानों के प्रोडक्ट को एक्सपोर्ट करने के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एग्री एक्सपोर्ट हब्स के रूप में विकसित करने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया है। उत्तर प्रदेश में कृषि और बागवानी उत्पादों की क्वालिटी है और उसका प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। वर्ल्ड बैंक के साथ यूपी एग्रीज प्लेटफॉर्म, यूपी एग्रीज के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसको एआई से जोड़ने के लिए भी घोषणा की गयी है। बजट में 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न भंडारण की क्षमता विकसित करने का टारगेट तय किया गया है। यहां पर वेयरहाउसिंग का निर्माण हो, बड़े-बड़े गोदाम बने इसके लिए विशेष सब्सिडी की व्यवस्था की गई है। वहीं पशुओं को बीमा सुरक्षा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन और पशुधन बीमा योजना का प्रावधान किया गया है, जिसमें 85 फीसदी तक जो प्रीमियम होगा, वह सरकार देगी। प्रदेश में मछुआरों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए स्टेट ऑफ आर्ट होलसेल फिश मंडी और फिश प्रोसेसिंग सेंटर के लिए भी धनराशि की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा वर्ल्ड फिश, फिशरीज प्रोजेक्ट सेंटर की स्थापना की जाएगी, जिसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। चार चीनी मिलों की क्षमता संवर्धन का प्रावधान किया गया है, जिसमें छाता मथुरा के अश्वनी और लॉजिस्टिक हब वेयरहाउसिंग कांप्लेक्स के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है और अन्य चीनी मिलों में भी इसकी व्यवस्था के प्रावधान किए गए हैं।
*स्किल डेवलपमेंट के लिए केंद्र की होगी स्थापना* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अवस्थापना और औद्योगिक विकास के लिए भी बजट में व्यवस्था की गई है। आगरा-लखनऊ से हरदोई-फर्रुखाबाद गंगा एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी के लिए धनराशि की व्यवस्था की गई है। गंगा एक्सप्रेसवे से प्रयागराज, मीरजापुर, वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र तक यानी शक्तिनगर तक इसके विस्तार की घोषणा हुई है। गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ-हरिद्वार तक ले जाने के लिए भी बजट में घोषणा की गई है और पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को सोनभद्र के शक्तिनगर तक, चंदौली, गाजीपुर के गाजीपुर तक ले जाने के लिए बजट में व्यवस्था की गई है। यूपी में बायोफ्यूल प्लास्टिक संस्थान केंद्र को भी विकसित करने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया है। इसके अलावा एफडीआई फॉर्च्यून 500 में आने वाली कंपनियों के लिए भी बजट में घोषणा की गई। हर जिले में स्किल डेवलपमेंट के एक बड़े केंद्र की स्थापना की जाएगी, जिसे हब और स्पोक मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत सरदार वल्लभभाई पटेल इंप्लायमेंट जोन के लिए भी घोषणा की गई, जिसमें 50 एकड़ से लेकर 100 एकड़ क्षेत्रफल के एक बड़े क्लस्टर में स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। वहीं वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन योजना के तहत स्थानीय खाद्य पदार्थों की ब्रांडिंग की जा सके, इसको प्रोत्साहित करने का भी प्रावधान बजट में किया गया है।
