कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा की लिट्टी-चोखा मिलन समारोह के दौरान प्रेस वार्ता में बोले उपमुख्यमंत्री
यूजीसी के नये कानून को लेकर सवालों से बचते नजर आये डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य
अथाह संवाददाता
साहिबाबाद। नोएडा में निमार्णाधीन बेसमेंट में भरे पानी में डूबने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने घटना को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच विशेष जांच दल द्वारा की जा रही है और जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रविवार को इंदिरापुरम में प्रदेश सरकार में मंत्री एवं साहिबाबाद से विधायक सुनील शर्मा द्वारा आयोजित लिट्टी-चोखा मिलन समारोह के दौरान आयोजित प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम दृष्टया इस घटना में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है और किसी भी स्तर पर जिम्मेदार पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
अविमुक्तेश्वरानंद नंद जी से हाथ जोड़कर अपील विवाद समाप्त करें
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज से जुड़े विवाद पर बोलते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार की ओर से उनसे हाथ जोड़कर विवाद समाप्त करने की अपील की गई है। आगे भी सरकार का प्रयास रहेगा कि यह विवाद शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो। उन्होंने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद राजनीति के क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति नहीं हैं और उनके विचार उनकी भावनाएं हैं, जिनका सम्मान किया जाता है।
उपमुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा की नीतियों के कारण प्रदेश में गुंडागर्दी और माफियावाद को बढ़ावा मिला, इसी वजह से जनता ने वर्ष 2017 में भाजपा पर भरोसा जताया। उन्होंने दावा किया कि जनता के सहयोग से आने वाले वर्षों में भी भाजपा की सरकार बनी रहेगी।
खोड़ा क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर पूछे गए सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हर घर नल से शुद्ध जल पहुंचाने की योजना पूरे देश में लागू की जा रही है। बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है और जल्द ही खोड़ा क्षेत्र में भी घर-घर शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
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यूजीसी के नये कानून को लेकर बचते नजर आये केशव प्रसाद मौर्य
इस दौरान जब उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से पूछा गया कि यूजीसी के नये कानून से सवर्ण समाज में रोष है। इस पर उन्होंने बचते हुए कहा कि उन्होंने नये कानून को पढ़ा नहीं है।
