Dainik Athah

योगी 2.0 में गांवों के समग्र विकास पर फोकस, 05 साल में बदली गांवों की सूरत, अब आत्मनिर्भरता है लक्ष्य

गांव दिवस के लिए निर्देश जारी, ग्रामीण समस्याओं का होगा त्वरित निदान

‘आत्मनिर्भर गांव’ के लक्ष्य के साथ बन रही विकास की कार्ययोजना

अथाह ब्यूरो
लखनऊ।
70 फीसदी ग्रामीण आबादी वाले उत्तर प्रदेश के लिए आने वाले पांच साल बेहद खास होने जा रहे हैं। हर मजरे तक बिजली की रोशनी और गांव-गांव में सड़कों का जाल बिछाने के लिए सराहे जा रहे योगी सरकार के पहले कार्यकाल के बाद अब योगी 2.0 सरकार में गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को लेकर काम होना है। योगी 2.0 सरकार में पंचायतों को और सशक्त बनाने के साथ-साथ गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विकास और रोजगार सृजन की संभावनाओं को जमीन पर उतारने को लेकर ठोस कार्ययोजना तैयार हो रही है।

शपथ ग्रहण के बाद उच्चाधिकारियों के साथ अगले पांच साल के विजन और मिशन पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांव और गरीब की उन्नति पर खासा फोकस रखा। पहली ही बैठक में सीएम ने साप्ताहिक ‘गांव दिवस’ अयोजन के निर्देश दिए। गांव, ग्रामीण, किसानों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान में देरी न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं। पहले कार्यकाल में 10000 महिला पुलिस कर्मियों को बीट पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी देते हुए गांवों में तैनात करने की अभिनव पहल के अच्छे परिणाम देखने को मिले। योगी सरकार इस बीट पुलिसिंग को और व्यवस्थित व प्रभावी बनाने जा रही है। गांव दिवस आयोजन में न केवल राजस्व, पंचायती राज और ग्राम्य विकास के अधिकारी मौजूद रहेंगे, पुलिस बीट अधिकारियों की भी उपस्थिति रहेगी।

बीते पांच वर्षों में प्रदेश के गांवों में एक बड़े सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला। जिसे लेकर योगी सरकार की सराहना भी हुई। गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत हुए इस कार्य के माध्यम से लाखों प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मिल पाया। तो, उत्तर प्रदेश में सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव हेतु स्वयं सहायता समूहों को प्रेरित कर कर वित्तीय सहायता भी दी गई। इससे स्वच्छ ग्राम की दिशा में तो हम आगे बढ़े ही, ही हर गावं में महिला स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को रोजगार भी मिला। आने वाले दिनों में इस काम में और तेजी आनी तय है। गांव में बैंक के कार्य हो सकें इसके लिए बैंक सखी की नियुक्ति भी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के विकास को लेकर महिलाओं में काफी जागरुकता है और उत्तरप्रदेश में 43 फीसदी महिलाएं, ग्राम प्रधान हैं। बीते 05 वर्षों में हर ग्राम पंचायत को सचिवालय भवन की सौगात देने के साथ-साथ यहां पंचायत सहायकों की तैनाती की गई है। पंचायत भवन बनने के साथ उन्हें आॅप्टिकल फाइबर से भी जोड़ा जा रहा है। डिजिटल तकनीक से लैस यह सचिवालय भवन शासन की तमाम योजनाओं से जुड़ने में ग्रामीण जनता के लिए उपयोगी होंगे।

भाजपा ने अपने लोककल्याण संकल्प पत्र-2022 में भी गांवों के विकास के प्रति प्रतिबद्धता जतायी है। संकल्प के मुताबिक उत्तर प्रदेश के गांव विकास के लिहाज से शहरों की बराबरी करेंगे। गांवों के विकास के लिए बाबूजी कल्याण सिंह ग्राम उन्नत योजना से गांवों का समग्र विकास किया जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हर गांव को मुख्य सड़क से जोड़ा जाएगा। गांवों में पक्के ड्रेनेज सिस्टम की व्यवस्था बनाकर जल निकासी की समस्या को दूर किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में बस स्टाप निर्माण और हर ग्राम पंचायत में शत-प्रतिशत इंटरनेट कनेक्टिविटी का वादा किया गया है, जिसे लेकर विभाग स्तर पर काम शुरू हो गया है। यही नहीं, पिछड़ा और अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चों के जन्म के साथ जाति प्रमाण पत्र जारी होगा। संकल्प पत्र के अनुसार निषादराज बोट सब्सिडी योजना शुरू करने पर विचार-विमर्श शुरू हो गया है, जिसके तहत एक लाख रुपये तक की नाव 40 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जाएगी।

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